
कुल्लू। ब्यास की निर्मल धारा पर बढ़ते प्रदूषण का निरीक्षण करने आई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम खुले में बहती गंदगी देख दंग रह गई। दो दिन के कुल्लू दौरे पर रही टीम ने ब्यास की धारा के कई लोकेशन्स का दौरा किया। कमेटी ने शहर की निकासी नालियों का गंदा पानी ब्यास नदी में बहने तथा सीवरेज से नहीं जुड़े होने पर गहरी चिंता जताई। एडवोकेट अजीत कुमार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम ने 14 और 15 दिसंबर को ब्यास नदी के रामशीला, अखाड़ा बाजार, ब्यासमोड़, लोअर ढालपुर तथा लंकाबेकर आदि जगहों का दौरा कर वास्तु स्थिति की रिपोर्ट तैयार की। ब्यास में बढ़ते प्रदूषण मामले के याचिकाकर्ता अभिषेक राय ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि टीम ने दौरे के दौरान जहां शहर के विभिन्न जगहों का दौरा कर शहर की निकासी नालियों का सीधे ब्यास नदी में बहता हुआ पाया, वहीं पैनल ने आईपीएच के भूतनाथ तथा लंकाबेकर के सीवरेज प्लांट का भी निरीक्षण कर सैंपल भरे। दौरे में पैनल के साथ याचिकाकर्ता अभिषेक राय, आईपीएच के सहायक अभियंता विवेक हाजरी तथा नगर परिषद कुल्लू के अधिकारी भी शामिल थे। ब्यास नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चिंता जताते हुए कई बार जिला प्रशासन, नगर परिषद कुल्लू तथा आईपीएच विभाग से जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता अभिषेक राय ने कहा कि ब्यास नदी पर बढ़ते प्रदूषण को लेकर जिला प्रशासन व आईपीएच विभाग ने नेशनल ग्रीन टिब्यूनल में दायर हलफनामे में ब्यास नदी तथा सहायक नदियों में निकासी का गंदा पानी नहीं बहने की बात कही है। ट्रिब्यूनल ने इसी हलफनामे के बाद हाईकोर्ट के तीन वकीलों का एक पैनल बना कर निरीक्षण के लिए कुल्लू भेजा था।
